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Showing posts from May, 2021

रासलीला : युवाओं के लिए

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  रासलीला : युवाओं के लिए  इस लेख को पढ़ने वाले सभी शायद ये तो मानते ही हैं  की श्रीकृष्ण भगवान हैं। हो सकता है कि कुछ कुछ लोग सोचते हों कि श्रीकृष्ण ने भगवान  होकर भी सामान्य मानव की तरह  माखन चोरी और रास जैसी लीलाएं क्यों की? विशेष रूप से रास के बारे में जो सामान्य अवधारणा है वह निश्चित ही चिंताजनक है। हमें ये समझना चाहिए कि रास स्त्री पुरुष की एक सामान्य मानवीय क्रीड़ा नहीं है। रास के बारे में कुछ बिंदुओं पर विचार करना चाहिए  १. श्री कृष्ण परात्पर परब्रह्म हैं इसलिए उनकी लीलाओं में मानवीय गुण दोषों की कल्पना भी नहीं करनी चाहिए।   २. भगवान श्रीकृष्ण ने ११ वर्ष और ५६ दिन की आयु में ब्रज भूमि से मथुरा गमन किया था।  श्रीमद्भागवत महापुराण और श्री गर्गसंहिता जी आदि ग्रंथो से सन्दर्भ लें तो रास उनके ब्रज लीला में  था और रास के समय श्री कृष्ण की आयु मात्र १० वर्ष थी ।  १० वर्ष के बालक में स्त्री-कामना या सहवास का दोष घटना संभव नहीं है। आज के युवाओं को यह समझना चाहिए की ९-१० वर्ष के बालक और गोपियों में प्रेम का कौन सा स्तर होगा।  ३. अ...

श्री जगन्नाथ भगवान के प्रचलित रहस्य और प्रभु श्रीकृष्ण के लीला प्रयाण के सन्दर्भ में

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  श्री जगन्नाथ भगवान के प्रचलित रहस्य और प्रभु   श्रीकृष्ण के लीला प्रयाण के सन्दर्भ में  "भगवान् कृष्ण ने जब देह छोड़ा तोह उनका अंतिम संस्कार किया गया , उनका सारा शरीर तो पांच तत्त्व में मिल गया लेकिन उनका हृदय बिलकुल सामान्य एक जिन्दा आदमी की तरह धड़क रहा था और वो बिलकुल सुरक्षित था , उनका हृदय आज तक सुरक्षित है जो भगवान् जगन्नाथ की काठ की मूर्ति के अंदर रहता है और उसी तरह धड़कता है , ये बात बहुत कम लोग को पता है " इस तरह की भ्रामक और घृणित बातें सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचारित की जा रही हैं। सत्य हालांकि इन दावों से परे है।  सत्य को जानने और समझने के लिए निम्न को समझना आवश्यक है।  १. श्रीमद भागवत महापुराण के माहात्म्य में प्रभु श्री कृष्णा को सत चिद और आनंद का स्वरुप कहा गया है।  सत का तात्पर्य है, सत्यव्रतम सत्यपरं त्रिसत्यम यानि त्रिकालाबाधित सत्य अर्थात तीनों कालों से परे का सत्य जो अतीत वर्तमान और भविष्य तीनो कालो में रहे ।  इसलिए सत्स्वरूप श्री भगवान की मृत्यु संभव नहीं, और उनके संस्कार आदि के सन्दर्भ में जो कुछ भी कुत्सित भ्रम फैलाया जा रहा है,...